दुआ करने के बहोत सारे तरीके हे। में अपना तरीका आप लोगो साथ शेर करना चाहती हु।
उम्मीद हे आपको अच्छा लगे।
कुछ लोग ऐसे होते हे जिनको दुआ करना भी नहीं आता वो सोचते रहते हे की अब दुआ कैसे मांगे।
दुआ सुरु करते हे
पाक परवरदिगारे आलम सरे जहाँ के मालिक तू रेहमने रहीम हे। तू करम करने वाला हे। तू रेहम करने वाला हे तू ही हक दुआ को काबुल करने वाला हे तू ही मुस्किलो को आसान करने वाला हे तू सब कुछ जनता हे और तू ही सबको सही रहा बताने वाला हे। तू ही सारी कायनात को चलाने वाला हे, तू ही सही और गलत को समझने वाला हे और समझाने वाला हे।
हम से जो भी गलती गुन्हा हुए हो हमको माफ़ आता फरमा । मुस्किलो को आसान आता फरमा। जो बेऔलाद हे उनको ओलाद आता फरमा, और जिनको ओलाद हे उनको ओलाद की मोहब्बत आता फरमा। जो बे रेहम हे उनको रेहम आता फरमा। जो बे रोज़गार हे उनको रोजी रोटी आता फरमा। जो बे सहारा हे उनको सहारा आता फरमा। हम सब को नेक रहा पर चलाना हमको हमारे प्यारे नबी की बताई रहा पर चलने की तौफीक आता फरमा। हमारे माँ बाप की मुस्किलो को आसान कर उनकी जिंदगी को आसान आता फरमा उनसे जो भी गलतिया हुयी होगी उनकी तरफ से हम तेरे से माफ़ी मांगते हे। और हमको भी नेक ओलाद आता फरमा।
हमको दज्जाल की दुनिया में पैदा मत करना हमको प्यारे नबी की प्यारी उम्मत बना कर पैदा करना। हमसे नमाज़ रोजे और दुआ मांगने में कोई भी गलती गुनाह हुवा हो तो हमको माफ़ कर हमारी नमाज रोजे और हक दुआ को काबुल आता फरमा। तू सबक कुछ जानने वाला हे तेरे हबीब के सत्के में हम सबका भला करना, हम खतागार हे गुन्हे गार हे तो हमको माफ़ी आता फरमा।
अमिन
आप लोग कैसे दुआ मांगते हो मुझे जरूर बताये कमेंट बॉक्स में अपनी दुआ का तरिका लिखे में जरूर पडूगी। इंसा अल्लाह
No comments:
Post a Comment